श्री रामायण मन्दिर की गुरु-गद्दी गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज की परम्परा में स्थापित है। यह क्रम नमन ग्रन्थ में अंकित गुरु परम्परा के अनुसार प्रस्तुत किया गया है।
स्रोत: नमन ग्रन्थ, पृष्ठ 50 — 34 पीठाधीश्वरों की परम्परा (क्रमानुसार)।
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रचयिता — रामचरित्र मानस, हनुमान चालीसा, विनय पत्रिका, गीतावल, कवितावली, दोहावली इत्यादि
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