श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून

रामायण एवं ग्रन्थ

साहित्यिक एवं धार्मिक ग्रन्थ

रामायण एवं ग्रन्थ — श्रीरामचरितमानस से सम्बन्धित सामग्री एवं मन्दिर परम्परा के प्रमुख ग्रन्थ।

रामायण-पाठ

श्रीरामचरितमानस

सम्पूर्ण सप्त काण्ड — मूल एवं भावार्थ

गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज कृत श्रीरामचरितमानस का सम्पूर्ण मूल पाठ — बालकाण्ड से उत्तरकाण्ड तक सातों काण्ड, समस्त चौपाई, दोहा, सोरठा एवं छन्द, प्रत्येक के हिन्दी भावार्थ सहित। सुखद पठन एवं जहाँ छोड़ें वहीं से पुनः आरम्भ।

सुन्दरकाण्ड

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं भावार्थ — एकल पाठ हेतु

श्रीरामचरितमानस सुन्दरकाण्ड का सम्पूर्ण मूल पाठ — समस्त चौपाई, दोहा, सोरठा एवं छन्द सहित, प्रत्येक के भावार्थ के साथ। एक ही बैठक में सम्पूर्ण पाठ हेतु पृथक् संस्करण।

गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज कृत अन्य ग्रन्थ

विनय पत्रिका

सम्पूर्ण 279 पद

गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज कृत विनय पत्रिका का सम्पूर्ण मूल पाठ — श्रीराम एवं विविध देवताओं की स्तुति एवं विनय के 279 पद।

गीतावली

सम्पूर्ण — 333 पद, सप्त काण्ड

गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज कृत गीतावली — श्रीराम-लीला के गेय पद, सातों काण्डों में, राग सहित। सार्वजनिक सम्पदा।

कवितावली

सम्पूर्ण — 157 छन्द

गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज कृत कवितावली — कवित्त, सवैया एवं छप्पय में रामकथा, काण्ड-क्रम से। सार्वजनिक सम्पदा।

दोहावली

सम्पूर्ण — 573 दोहे

गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज कृत दोहावली — नीति, भक्ति एवं वैराग्य के 573 दोहे, बारह भागों में। सार्वजनिक सम्पदा।

स्वामी रामतीर्थ साहित्य

स्वामी रामतीर्थ जी महाराज ग्रन्थावली

25 डिजिटल खण्ड — 178 अध्याय

स्वामी रामतीर्थ जी महाराज की ग्रन्थावली — वेदान्त, सदुपदेश एवं व्याख्यान, मूल 28-भाग संस्करण पर आधारित, 25 डिजिटल खण्डों में व्यवस्थित — कुल 178 अध्याय, अध्याय-वार पठन हेतु।

ॐ — एक पवित्र मंत्र

सम्पूर्ण — 5 अध्याय

स्वामी रामतीर्थ जी महाराज के प्रवचन — वेदांतिक प्राणायाम, शिवादर्श, विश्राम की परमावस्था, स्वयं से वार्ता एवं ॐ मंत्र का रहस्य।

गृहस्थ में आनंद की यात्रा

सम्पूर्ण — 5 प्रवचन

स्वामी रामतीर्थ जी महाराज के प्रवचन — गृहस्थ जीवन में आत्मज्ञान, घर को आनंदमय बनाने का मार्ग, विवाहित जीवन की उपयोगिता एवं पुनर्जन्म के संबंध।

मृत्यु के बाद

सम्पूर्ण — 5 प्रवचन

स्वामी रामतीर्थ जी महाराज के प्रवचन — मृत्यु के पश्चात् की अवस्था, तीन शरीर, पुनर्जन्म एवं पारिवारिक बंधन, पुरुषार्थ और प्रारब्ध तथा जन्म का चुनाव।

सफलता के आध्यात्मिक सूत्र

सम्पूर्ण — भूमिका, 7 सूत्र एवं निष्कर्ष

स्वामी रामतीर्थ जी महाराज के प्रवचन — कर्म, त्याग, प्रेम, प्रसन्नता, निर्भयता एवं आत्मविश्वास के सूत्र, तथा मनुष्य के भाग्य-विधाता होने का विवेचन।