श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
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मैं शरणी आंवई, धन तुलसीदास गादियों वाले, मैं शरणी आंवई

मैं शरणी आंवई, धन तुलसीदास गादियों वाले, मैं शरणी आंवई..............

तुआडी मैं शरणी आवां बाबा हमेश जी, थान ते मैं टैल कमांवई नित आंवई पेश जी,

करना मैं बैन्ती सतगुरू, काठो कलेश जी, धुखदे नी धूपं, ब्रहमे दा रूप, भैरो तेरे नाले, बाबा भैरो तेरे नाले।

भैरो बलवान बाबा, नित आंवई द्वारे, सिख सेवक माई भाई बोलन जैकारे,

देग तुम्हारी बरकत वाली भरे नी भण्डारे, करले स्नान, लगाके ध्यान, बने दुध शाले

पन्जां नूँ मार के बाबा, लितिया तू गादी, तेरे गल अम्बुआ सोहे, सुन्दर है नादी।

तेरा मैं यश पिया गावाँ, बणिया आबादी, तेरा यश गावाँ शीश निवावाँ हो कृपालु, बाबा जी हो कृपालु।

होवें कृपालु बाबा मेरे पर आप जी, चरणां ते शीश निवांवई, दूर करो पाप जी,

उठके ते प्रातः काल, जपनै तू जाप जी, भिशन गुलाम, रमई इक राम, तेरा इकबाले, बाबा तेरा इकबाले।