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श्री रामायण मन्दिर
माधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
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श्रीरामचरितमानस · सम्पूर्ण मूल एवं भावार्थ
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उत्तरकाण्ड — ५ सुविधाजनक भागों में। प्रत्येक चौपाई, दोहा, सोरठा एवं छन्द के साथ हिन्दी भावार्थ।
भाग १
उत्तरकाण्ड
भाग २
एहि तन कर फल बिषय न …
भाग ३
कलबल बचन अधर अरुनारे। दुइ दुई …
भाग ४
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं। विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं। …
भाग ५
आजु धन्य मैं धन्य अति जद्यपि …
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