श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
आरती

भजनमन राम चरन दिन राती वे भजमन

भजनमन राम चरन दिन राती वे भजमन

1. भर-भर आव मिटे रस ध्यावत, हरि चर्चा; रामा हरि चर्चा वे सुहाती वे भजनमन

2. रसना कस न भजे तू हरि पद; सुमिरन क्यों अलसाती वे भजमन

3. जाके कहत दहत दुख दारूण, सन जिया ताप रामा; सन जिया ताप बुझाती वे भजमन

4. पढ़ते श्रवण सुयश रघुवर के, अति हिय जुड़ा वे रामा; अति ही जुड़ा हिय छाती वे भजमन

5. श्रोता सुम्मत सुशील सो हरिजन, देत सलाह वे रामा; देत सलाह वे सुहाती वे भजमन

6. रामचन्द्र जी का नाम अमियरस, सोरल काहे वे रामा; सोरल काहे को न खाती वे भजमन

7. सोलह सम्मत सहे इकतीसा, जेठ माघ रामा; जेठ माघं सुहावती वे भजमन